देहरादून न्यूज़: SSP प्रमेंद्र डोबाल के औचक निरीक्षण से पुलिस लाइन के अधिकारियों में मचा हड़कंप।
देहरादून: राजधानी देहरादून की पुलिसिंग में शुक्रवार की सुबह अनुशासन और चुस्ती-फुर्ती का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल ने साप्ताहिक परेड के दौरान पुलिस लाइन का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएसपी न केवल निरीक्षण करते दिखे, बल्कि जवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए खुद उनके साथ मैदान में दौड़ भी लगाई। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस महकमे में ‘फिटनेस और अनुशासन’ सर्वोपरि है।
मैदान में पसीना और दफ्तर में सख्ती
परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन के चप्पे-चप्पे को परखा। जब वे बैरकों और मैस (Mess) में पहुंचे, तो वहां साफ-सफाई की कमी देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जवानों के रहने और खाने की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन शाखा में मिली खामियां, मौके पर लगी क्लास
एसएसपी का सख्त रुख तब और बढ़ गया जब वे परिवहन शाखा (Transport Branch) के निरीक्षण पर पहुंचे। सरकारी वाहनों के रिकॉर्ड और कागजात अपडेट न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक कहा, “सरकार पुलिस वेलफेयर के लिए गंभीर है, लेकिन संसाधनों के रख-रखाव में लापरवाही अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

सुरक्षा उपकरणों और ट्रेनिंग पर जोर
सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी ने बम निरोधक दस्ते (BDS) के उपकरणों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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थाना पुलिस और बीडीएस टीम के बीच बेहतर तालमेल के लिए रेगुलर ट्रेनिंग सेशन्स आयोजित किए जाएं।
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आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षा उपकरण 24×7 तैयार रहने चाहिए।
निर्माण कार्यों पर अल्टीमेटम: “गुणवत्ता से समझौता तो कार्रवाई तय”
पुलिस लाइन परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।
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निर्माण की गुणवत्ता (Quality) में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
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कार्य में अनावश्यक देरी या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर सीधे संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।