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एक्शन मोड में डीएम हरिद्वार, कहा कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने पर सम्बन्धित के खिलाफ आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की सुसंगत धाराओं में की जायेगी कार्रवाई

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हरिद्वार: जिला अधिकारी/अध्यक्ष धीराज सिंह गर्ब्याल, जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को संयुक्त मजिस्ट्रेट, रूड़की अभिनव शाह ने पत्र के माध्यम से रुड़की शहर की सीवर लाईन के सम्बन्ध में अवगत कराया कि एशियन डवलेपमेंट बैंक, रूडकी द्वारा वर्ष 2016-17 में रुड़की शहर में सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया गया था तथा जिस समय यह सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया गया था, उस समय मशीनों/मैनुअल द्वारा गहरी खुदाई करायी गयी थी तथा सीवर लाईन बिछाए जाने के उपरान्त सड़क का निर्माण कार्य भी एशियन डवलेपमेंट बैंक द्वारा ही कराया गया था।

अभिनव शाह ने इस सम्बन्ध में आगे जानकारी देते हुये पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2020 में अत्याधिक वर्षा होने से जनपद हरिद्वार की तहसील रूड़की नगर के गणेशपुर में वर्षा अधिक हो जाने से वर्षा का पानी सड़क पर आने की वजह से सीवर के चैम्बर सहित सड़क धंस गयी थी और कई व्यक्तियों के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गये थे। उन्होंने बताया कि रूड़की सीवर योजना शासन के आदेशानुसार उत्तराखण्ड जल संस्थान, हरिद्वार को दिनांक 18 अक्टूबर, 2022 को इंगित कमियों के साथ हस्तगत की गयी, जिसमें लगभग 03 वर्षाे से गणेशपुर क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर सीवर चौम्बर के धंसने एवं निर्माण समय से सीवर लाईनों के तकनीकी फाल्ट के कारण मकानों में निरस्तर दरारें आ रही हैं, जिसमें जान-माल की असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हुई है।

डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने इस योजना का संज्ञान लेते हुये ए0डी0बी0 के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन परिस्थितियों एवं आम जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अध्याय-04 (धारा-34) में निहित प्राविधानों के तहत् वर्तमान में सीवर योजना के तहत जो मरम्मत कार्य ए०डी०बी० द्वारा गतिमान है, उनके साथ-साथ गणेशपुर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त स्थानों पर सीवर लाईनों को आंशिक रूप से बन्द कर सीवर लाईनों का मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों का पालन करते हुए कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि पम्प संचालन का कार्य कराने के लिए एशियन डवलेपमेंट बैंक के अधिकारी आवश्यकतानुसार जल संस्थान को अपेक्षित सहयोग करेंगे।

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुये कहा है कि इस कार्य में अगर कहीं पर भी किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बरती जाती है, तो सम्बन्धित के खिलाफ आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-34 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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