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रेंजर्स ग्राउन्ड से गुम होती खेलों की यादें

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देहरादून: शहर के बीचोबीच खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला रेंजर्स ग्राउन्ड का स्वरूप बदलता जा रहा है। अब यहां पर बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट होंगे इस पर भी धुंधलका छाने लगा है। उत्तरांचल गोल्ड कप ने इस ग्राउन्ड को सुर्खियों में ला दिया था जहां विश्व क्रिकेट में अपना डंका बजा चुके ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, सुरेश रैना ,महेन्द्र सिंह धोनी या फिर ऋषभ पंत इनके छक्के शायद ही इस ग्राउन्ड में देखने को मिलें।

आपको मालूम हो ये वही रेंजर्स ग्राउन्ड है जिसे सरकार ने खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन दुर्भाग्य से वह ग्राउन्ड अब बाजार बनकर रह गया है। अब यहां हर सप्ताह संडे का बाजार लग रहा है। कितना दुखदाई है कि रेंजर्स ग्राउन्ड जिला प्रशासन के अधीन आने के बाद यहां पर खेल गतिविधियां तकरीबन समाप्त ही हो गई हैं। गौरतलब है कि कोरोना काल से पहले ये ग्राउन्ड एफआरआइ के पास था उस समय इस ग्राउन्ड में खेल गतिविधियां होती थीं।

लेकिन अब इसका किराया 2500 से बढ़ाकर 50 हजार रूपये प्रतिदिन कर दिया गया जिससे छोटे आयोजन संभव नहीं हैं ये ही वजह है कि इस ग्राउन्ड में खेल गतिविधियां खतम के कगार पर हैं और अब ये ग्राउन्ड व्यवसायिक बन कर रह गया है। अब इस ग्राउन्ड में कभी बाजार तो कभी ट्रेड फेयर लगता है। सोने पर सुहागा जिला प्रशासन परेड ग्राउंड में बड़े आयोजन होने पर पार्किंग के रूप में शहर के बीच इस ग्राउन्ड को इस्तेमाल में ला रहा है।

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