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शिक्षक बनने के लिए अब B.Ed और M.Ed में पास करनी पड़ेगी ये परीक्षा

उच्च शिक्षण संस्थानों को सीयूईटी से किया मुक्त 

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शिक्षक के लिए जरुरी खबर:  आप अगर शिक्षक बनना चाहते है और बीएड व एमएड में एडमिशन लेना को सोच रहे है। तो आपके लिए जरूरी खबर है। अब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों में बीएड व एमएड में प्रवेश के लिए कंबाइंड यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी पीजी) उत्तीर्ण करना जरूरी हो गया है। बीएड और एमएड के इच्छुक छात्र-छात्राएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की वेबसाइट  http//cuet.nta.ac.in  पर 18 जून सुबह 11:50 बजे तक आनलाइन प्रवेश परीक्षा फार्म भर सकते हैं।

यूजीसी ने शिक्षा सत्र 2022-23 में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध उच्च शिक्षण संस्थानों को सीयूईटी से मुक्त किया है। लेकिन विवि के तीन परिसर बिड़ला परिसर चौरास, पौड़ी एवं टिहरी संगठक कॉलेजों में प्रवेश सीयूईटी से ही होंगे। लेकिन बीएड और एमएड के विद्यार्थियों को  केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय व यूजीसी का यह निर्णय स्वागत योग्य कदम है। उत्तराखंड में बीएड व एमएड करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं पहले से ही विवि स्तर की प्रवेश परीक्षा देते थे। इस परीक्षा को पास करने के बाद संगठन और निजी बीएड कॉलेजों में प्रवेश मिलता था।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गढ़वाल केंद्रीय विवि से तीन संगठन कॉलेजों के अलावा 30 निजी बीएड कॉलेज संबद्ध हैं। इन निजी बीएड कॉलेजों में पहले गढ़वाल केंद्रीय विवि स्तर पर प्रवेश परीक्षा के बाद दाखिला मिलता था, लेकिन अब इस प्रवेश परीक्षा की सीयूईटी (पीजी) देना होगा। बीएड व एमएड में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को सीयूईटी पीजी की परीक्षा देनी होगी। बीएड और एमएड में प्रवेश के लिए सीयूईटी (पीजी) उत्तीर्ण करना सभी के लिए जरूरी है।  इस संबंध में सभी संबद्ध महाविद्यालयों के निदेशक व प्राचार्यों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में वह संस्थान स्तर से भी छात्र-छात्राओं को अवगत कराएं।

 

 

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