लाल किले में 26 से 31 जनवरी तक सजेगा ‘भारत पर्व’, उत्तराखंड की झांकी में दिखेगी शिल्पियों की सजीव कला।
- ट्रैक्टर सेक्शन: यहां तांबे से बने उत्तराखंड के प्रसिद्ध वाद्ययंत्रों— ढोल और रणसिंघा की विशाल और कलात्मक प्रतिकृतियां होंगी, जो राज्य की गौरवशाली कला को दर्शाती हैं।
- ट्रेलर सेक्शन: यहां एक विशाल तांबे के मंजीरे की मूर्ति आकर्षण का केंद्र होगी। झांकी के मध्य भाग में पारंपरिक तांबे के बर्तन जैसे गागर, सुरही और कुंडी को बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है।
- सजीव चित्रण: झांकी के पिछले हिस्से में एक शिल्पी (Artisan) को तांबे के बर्तन बनाते हुए सजीव रूप में दिखाया गया है। यह दृश्य दर्शाता है कि कैसे तांबा शिल्प आज भी उत्तराखंड के कई परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।