उत्तराखंड की सियासत गरमाई: आरोपों से घिरे विधायक ने खुद मांगी जांच, कहा—झूठे मुकदमों का सच आना चाहिए सामने।
गदरपुर से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों अपने परिवार पर लगे जमीन कब्जाने के आरोपों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस विवाद के बीच शुक्रवार को उन्होंने देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में DGP दीपम सेठ से मुलाकात की। विधायक ने इस मामले में एक ऐसी मांग रख दी है, जिसने पूरी घटना को नया मोड़ दे दिया है।
“कराया जाए लाई डिटेक्टर टेस्ट”
विधायक अरविंद पांडे ने डीजीपी से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि उन पर और उनके परिवार पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर (Polygraph) टेस्ट कराया जाए। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कह रहा कि मुकदमा सच है या झूठ, लेकिन वैज्ञानिक जांच से यह साफ हो जाना चाहिए कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।”
भूमाफिया के टैग पर जताई आपत्ति
विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही मुकदमों के आधार पर उन्हें और उनके परिवार को ‘भूमाफिया’ की तरह पेश किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की अपील करते हुए कहा कि यदि जांच में उनके परिवार का कोई भी सदस्य रत्ती भर भी दोषी पाया जाता है, तो पुलिस प्रशासन उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।