मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: सरकारी अस्पतालों को निजी के समकक्ष बेहतर बनाना हमारा लक्ष्य।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राजकीय दून मेडिकल अस्पताल पहुंचकर वहां उपचाराधीन वरिष्ठ पत्रकार कैलाश जोशी से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे जोशी के परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने बात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
पत्रकार कल्याण के प्रति सरकार संवेदनशील
कैलाश जोशी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े लोगों को किसी भी कठिन परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और शासन स्तर पर उन्हें हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मरीजों के बीच पहुंचे ‘मुख्य सेवक’: लिया फीडबैक
पत्रकार कैलाश जोशी से मिलने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया। वे सीधे आपातकालीन कक्ष (Emergency), वार्डों और दवा वितरण केंद्रों पर पहुंचे।
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सीधा संवाद: सीएम ने अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की।
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फीडबैक: उन्होंने मरीजों से पूछा कि क्या उन्हें दवाइयां मुफ्त मिल रही हैं, जांच की सुविधाएं समय पर उपलब्ध हैं या नहीं और अस्पताल स्टाफ का व्यवहार कैसा है।
निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं देना प्राथमिकता
अस्पताल प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
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सतर्कता: गंभीर मरीजों की निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
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पारदर्शिता: तीमारदारों को मरीज की स्थिति के बारे में समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।
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लक्ष्य: सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को निजी अस्पतालों के समकक्ष और अधिक भरोसेमंद बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।