सचिव दीपक कुमार का निर्देश: बुनियादी सुविधाओं में देरी पड़ सकती है भारी।

उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार एक्शन मोड में है। इसी क्रम में, संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने गुरुवार को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

मार्च की डेडलाइन: छात्राओं को जल्द मिलेगी हॉस्टल सुविधा

निरीक्षण के दौरान सचिव दीपक कुमार का मुख्य फोकस निर्माणाधीन महिला छात्रावास पर रहा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए कि छात्रावास का निर्माण कार्य मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। लक्ष्य यह है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से छात्राओं को परिसर के भीतर ही रहने की बेहतर सुविधा मिल सके।

बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही पर चेतावनी

सचिव ने केवल हॉस्टल ही नहीं, बल्कि परीक्षा भवन, विश्वविद्यालय स्टाफ आवास और कर्मचारी क्वार्टरों के निर्माण की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • गुणवत्ता (Quality): निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

  • समयबद्धता (Timeline): सभी प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।

  • जीरो टॉलरेंस: विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में देरी होने पर जवाबदेही तय की जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण से विश्वविद्यालय प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप की स्थिति रही। सचिव के इस कदम को संस्कृत शिक्षा के आधुनिकीकरण और छात्रों को बेहतर माहौल देने की दिशा में एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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