पब्लिक फिगर की पर्सनल लाइफ पर बवाल क्यों? गीता कपूर ने फिजिकल सैटिस्फैक्शन पर दिया चौंकाने वाला बयान।
अपनी कोरियोग्राफी और जजिंग स्टाइल के लिए पहचानी जाने वाली गीता कपूर (52 वर्ष) अपनी निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं। ‘बिना शादी के मां’ का दर्जा पाने वाली गीता ने हाल ही में ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में समाज की दोहरी मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया है।
1. “मेरी भी भावनाएं हैं”: गीता कपूर
गीता कपूर ने उन धारणाओं को चुनौती दी है जिनमें यह मान लिया जाता है कि यदि कोई महिला अविवाहित है या उसे ‘मां’ का दर्जा मिला है, तो उसकी कोई शारीरिक या भावनात्मक जरूरतें नहीं हो सकतीं। उन्होंने साफ कहा2. फिजिकल सैटिस्फैक्शन पर बेबाकी
जब उनसे उनके पुराने बयान (इंटीमेसी पर) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय और मजबूती से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह फिजिकली सैटिस्फाइड (Physically Satisfied) हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। गीता ने सवाल उठाया कि जो चीजें आम लोगों के लिए सामान्य हैं, वह किसी सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर के लिए ‘टैबू’ (Taboo) क्यों बन जाती हैं?3. ‘मां’ की उपाधि और समाज का चश्मा
गीता ने स्पष्ट किया कि ‘गीता मां’ की उपाधि उनके शिष्यों और प्रशंसकों का प्यार है, लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बेड़ियाँ नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा:- निजी पसंद: शादी के बिना इंटीमेट होना या अपनी जरूरतों को पूरा करना किसी का व्यक्तिगत निर्णय है।
- अधिकार: समाज को यह तय करने का हक नहीं है कि कोई महिला अपनी जिंदगी कैसे जिए।