‘जन-जन की सरकार, जन के द्वार’: धामी सरकार के कैंपों से 4 लाख से अधिक लोगों का हुआ कल्याण।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने जनसेवा को एक नया आयाम दिया है। प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित विशेष कैंपों के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे आम जनता की चौखट तक पहुँच रहा है।
आंकड़ों में सफलता की कहानी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को राज्य भर में कुल 20 विशेष कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में एक ही दिन में 18,673 नागरिकों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ उठाया। यह अभियान अब एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसके तहत अब तक प्रदेश में कुल 504 कैंप लगाए जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 4,08,541 से अधिक प्रदेशवासियों को सरकारी तंत्र से जोड़ा जा चुका है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए संजीवनी अक्सर देखा जाता है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल ने उस दूरी को खत्म कर दिया है। अब स्वास्थ्य सेवा, प्रमाण-पत्र, पेंशन योजनाएं और अन्य विभागीय लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री का संकल्प: सुशासन और पारदर्शिता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमारी सरकार का मूल मंत्र ‘विकल्प रहित संकल्प’ है। शासन को जनता के द्वार तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।” उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन कैंपों में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।