शिक्षित हों तो नेतृत्व करें: जन्मदिन पर बंशीधर तिवारी ने बच्चियों को दिया सफलता का मंत्र और ‘भविष्य के पौधों’ का उपहार।

जब प्रशासनिक पदों की औपचारिकता और प्रोटोकॉल की दीवारें गिरती हैं, तब शासन का वह चेहरा सामने आता है जो सीधे जनता के दिल को छू लेता है। देहरादून के बनियावाला क्षेत्र में एक बार फिर ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री के अपर सचिव और महानिदेशक सूचना एवं लोकसम्पर्क, IAS बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन किसी भव्य रिसॉर्ट या होटल के बजाय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की निराश्रित और वंचित बालिकाओं के साथ मनाया।

एक दशक पुरानी सादगी की परंपरा

यह कोई एक दिन का दिखावा नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक मौन परंपरा है। IAS बंशीधर तिवारी हर साल अपने जीवन के इस खास दिन को उन बच्चियों के बीच बिताते हैं जो समाज के सबसे कठिन संघर्षों से निकलकर आई हैं। इस छात्रावास में वे बालिकाएं रहती हैं जिन्होंने कभी कूड़ा बीनने या भीख मांगने जैसी परिस्थितियों का सामना किया है।

जमीन पर बैठकर साझा किया ‘अपनत्व’

कार्यक्रम में कोई वीआईपी तामझाम नहीं था। श्री तिवारी ने पद की दूरी को खत्म करते हुए बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर केक काटा और उन्हें उपहार भेंट किए। बच्चों ने भी अपने जीवन और संघर्षों की झलक दिखाते हुए भावुक गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल एक पारिवारिक उत्सव में बदल गया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, उनके सपनों और उनकी छोटी-छोटी खुशियों के बारे में सहज संवाद किया।

वृक्षारोपण और भविष्य का संदेश

इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इसे मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश के रूप में देखा गया। बंशीधर तिवारी ने बच्चियों को प्रेरित करते हुए कहा, “जैसे एक छोटा पौधा सही देखभाल से विशाल पेड़ बनकर छाया देता है, वैसे ही आप सभी बच्चियां शिक्षा और मार्गदर्शन से समाज को नेतृत्व देने वाली बनेंगी।” उन्होंने बच्चियों को सफल होने के साथ-साथ दूसरों के लिए उदाहरण बनने की भी प्रेरणा दी।

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